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Friday, July 15, 2011

यू ही तो कोई बेवफा होता नहीं




मुकद्दर ऐसा है
चाहू जिसे वो मिलता नहीं
गर्दिश में है 
मेरी किस्मत का सितारा 
कोई फूल मेरी बगिया में 
खिलता नहीं 
टूट जाते है ख्वाब सारे
ख्वाब हकीकत होते नहीं 
नसीब मिला है मुझको ऐसा 
किसी से दिल मिलता नहीं
ईन्तजार करता है दिल हमेशा 
ईन्तजार ख़त्म होता नहीं 
कुछ बात तो है 
जो हुआ वो बेवफा 
यू ही तो कोई 
बेवफा होता नहीं

वो समझ न सके !

हम रोये भी बहुत
हमने उन्हें रोका भी बहुत
मगर वो रुक न सके
शायद हमारे प्यार को वो समझ न सके
हमने कोशिश की बहुत
उन्हें समझाया भी बहुत
मगर वो रुक न सके
शायद हमारे प्यार को वो समझ न सके
आँखों में आंसू थे बहुत
जख्म सीने में थे बहुत
मगर वो कुछ देख न सके
शायद हमारे प्यार को वो समझ न सके
क्या होगी हालत दिल की
गर वो चले जायेंगे दूर
उन के बिन हम कितने
हो जायेंगे मजबूर
वो पलट कर भी एक बार देख न सके
शायद हमारे प्यार को वो समझ न सके !

बेवफा तुझको बदनाम कर जाऊँगा !

क्या मिला है तुझे दिल मेरा तोड़कर
यु तन्हा अकेला मुझे छोड़कर
करके यु सितम मेरे दिल पे सनम
जा रही है तू क्यू मुझको छोड़कर
जा तू चाहे जहा भी चली जायेगी
याद मेरी तुझे पल - पल तडपाएगी
जो मैं तडपूंगा रातो को तेरे लिए
चैन से तू भी न सो पाएगी
तड़पेगी तू भी करवटे बदलेगी
तू बता कैसे मुझको तू भूलेगी
जलेगी कभी, कभी भुझ जायेगी
ए - शमां बिन परवाने क्या कर पाएगी
रुसवा तुझको आज मैं कर जाऊंगा
मेरा क्या है मैं तो मर जाऊँगा
मौत का मेरी इल्जाम होगा तुझ पर
बेवफा तुझको बदनाम कर जाऊँगा !