Saturday, July 16, 2011

पहली बारिश


सावन की पहली बारिश तेरे मेरे प्यार की सौगात लेकर आई है 
जिंदगी के सफ़र में ये बहार बनकर आई है 
बारिश में चलने वाली हवाएं तेरे बदन को छू कर मुझ तक आ रही है 
तेरी खुशबू से मुझको महका रही है 
इस पहली बारिश में तू मुझसे दूर है फिर भी 
बारिश की हर बूँद तेरा एहसास दिला रही है 
मिट्टी की सुगंध बता रही है तू मुझको बुला रही है 
बारिश की बूंदों की टप - टप तेरी मुस्कुराहट का एहसास दिला रही है
बादलो की गडगडाहट दिल की धड़कन बढ़ा रही है 
बिजली की चमक तुझसे मिलने को बेचैन कर रही है 
इस बहते हुए पानी में तेरा अक्स नज़र आ रहा है
जैसे बादलो की छाँव में कोई चाँद नज़र आ रहा है 
बढती हुई बारिश मिलने की चाह बढ़ा रही है 
और थमती हुई बारिश तेरे आने की आस जगा रही है !!

हमने सीखा ही नहीं अपना बना कर छोडना


दिल दुखा कर आजमा कर या रुला कर छोडना
हमने सीखा ही नहीं अपना बना कर छोडना

ताके दुनिया यह न समझे हम में दूरी हो गयी
साथ जब भी छोडना तो मुस्कुरा कर छोडना
है तरीके और भी मुझसे बिछड़ने के लिए
क्या ज़रूरी है कोई तोहमत लगा कर छोडना
होश बाकी रह गए तो जी नहीं पाऊँगा मै 
कुछ न याद आये मुझे इतनी पिला कर छोडना
तेल के बदले हमें चाहे लहू देना पड़े
अपनी फितरत है चिरागों को जला कर छोडना
कुफ्र है अहसास-ऐ-मायूसी थकन है बुजदिली
आंसू की डौर को मंजिल पे जा कर छोडना 

and another sher which was phenomenal
तुम्हारा घर हमेशा रौशनी से जगमागाऊंगा
दिए खामोश हो जायेंगे तो मै दिल जलाऊंगा
तुम्हे जिस दिन यकीन हो जाए मुझमे खूबियाँ भी है
मुझे आवाज़ दे देना मै वापस लौट आऊँगा 

Friday, July 15, 2011

यू ही तो कोई बेवफा होता नहीं




मुकद्दर ऐसा है
चाहू जिसे वो मिलता नहीं
गर्दिश में है 
मेरी किस्मत का सितारा 
कोई फूल मेरी बगिया में 
खिलता नहीं 
टूट जाते है ख्वाब सारे
ख्वाब हकीकत होते नहीं 
नसीब मिला है मुझको ऐसा 
किसी से दिल मिलता नहीं
ईन्तजार करता है दिल हमेशा 
ईन्तजार ख़त्म होता नहीं 
कुछ बात तो है 
जो हुआ वो बेवफा 
यू ही तो कोई 
बेवफा होता नहीं

एक पगली

एक पगली न जाने क्यू
मुझको देखकर मुस्कुराती थी
जब मैं उसको बुलाता तो
वो जाने क्यू इतराती थी
जब जब मैं उसको देखता तो
मैं सोचा करता था
लगता था जैसे उसकी
याद मुझे सताती थी
उसको देखना मुझे अच्छा लगता था
और मुझको देखकर वो मुस्कुराती थी
मैं जब उससे कहता
मैं तुमसे प्यार करता हूँ
फिर वो मुझको पागल बताती थी
जब कभी मैं उदास हो जाया करता था
आकर मेरे पास मुझे खूब हंसाती थी
जब मैं उसकी चोटी खीचा करता था
कुछ देर के लिए वो रूठ जाती थी
प्यार की बाते समझी जब वो
मुझको अपना खुदा बताती थी
छोड़कर ना जाना तुम मुझको
साथ जीने मरने की कसमे खाती थी
साथ जीने मरने की कसमे खाती थी ........

वो समझ न सके !

हम रोये भी बहुत
हमने उन्हें रोका भी बहुत
मगर वो रुक न सके
शायद हमारे प्यार को वो समझ न सके
हमने कोशिश की बहुत
उन्हें समझाया भी बहुत
मगर वो रुक न सके
शायद हमारे प्यार को वो समझ न सके
आँखों में आंसू थे बहुत
जख्म सीने में थे बहुत
मगर वो कुछ देख न सके
शायद हमारे प्यार को वो समझ न सके
क्या होगी हालत दिल की
गर वो चले जायेंगे दूर
उन के बिन हम कितने
हो जायेंगे मजबूर
वो पलट कर भी एक बार देख न सके
शायद हमारे प्यार को वो समझ न सके !

बेवफा तुझको बदनाम कर जाऊँगा !

क्या मिला है तुझे दिल मेरा तोड़कर
यु तन्हा अकेला मुझे छोड़कर
करके यु सितम मेरे दिल पे सनम
जा रही है तू क्यू मुझको छोड़कर
जा तू चाहे जहा भी चली जायेगी
याद मेरी तुझे पल - पल तडपाएगी
जो मैं तडपूंगा रातो को तेरे लिए
चैन से तू भी न सो पाएगी
तड़पेगी तू भी करवटे बदलेगी
तू बता कैसे मुझको तू भूलेगी
जलेगी कभी, कभी भुझ जायेगी
ए - शमां बिन परवाने क्या कर पाएगी
रुसवा तुझको आज मैं कर जाऊंगा
मेरा क्या है मैं तो मर जाऊँगा
मौत का मेरी इल्जाम होगा तुझ पर
बेवफा तुझको बदनाम कर जाऊँगा !

फिर वही मंजर

फिर वही मंजर
फिर वही शांम
हर और बिखरा है देखो
मौत का सामान
सहमा सहमा सा है
हर शख्स यहाँ
है डर सीने में उसके
की जाए कहा
हर और खून से लथपथ
पड़े हुए है लोग
ये कैसा भयानक मंजर है
किसका है ये दोष
वो मॉस का लोथड़ा बन
पड़ा हुआ है किसी का बाप
वो भाई देख रहा है देखो
खून से लथपथ बहन की लाश
वो रोता बच्चा ढूँढ रहा है
माँ को अपनी यहाँ वहा
वो दादा सोचे खड़ा खड़ा
पोता मेरा गया कहा
चीखती चिल्लाती आवाजे
हर और सुनाई पड़ रही
अपने ही शहर में हमको अपनी
जान पराई लग रही
हर और धुआ ही धुआ है
और है धमाको की गूँज
इस धुए में बोझल हो गयी
जैसे जिंदगी की धूप
इस धुए में बोझल हो गयी
जैसे जिंदगी की धूप